नगाड़े की मधुर थाप संग मस्त झूमे बुजुर्गों का मन

अग्रोहा धाम में एक शाम घर के मुखिया के नाम का यादगार आयोजन

दिव्य शक्ति ने किया भव्य होली मिलन समारोह

रायगढ़ - - होली पर्व के पावन अवसर पर मस्ती, खुशी, हँसी, ठिठोली और एक से बढ़कर एक मनभावन कार्यक्रम पारिवारिक माहौल में आजकल के डिजिटल जमाने से जरा जुदा होकर इतना खूबसूरत ढंग से अग्रोहा धाम में मनाया गया कि बुजुर्गों की आँखें खुशी से भर गईं और उनका मन, उनके बचपन व यौवन की बीती होली की यादों में खो गया। वहीं जब उनका सम्मान करते हुए उनके भाल में स्नेह का रंग लगाकर चरण छूए तो होली की खुशी हर किसी के लिए दूनी हो गई। इसी तरह सदन में फागुनी गीतों का दौर मधुर दौर जब चला तो उपस्थित बुजुर्गों का तन व मन भी अनायास मस्त थिरकने लगा और होली की खुशी से समूचा सदन गुंजायमान हो गया।

निःशुल्क यादगार कार्यक्रम - - शहर की सामाजिक संस्था दिव्य शक्ति ने विगत दिवस होली की पूर्व संध्या में शहर के वरिष्ठ जनों के लिए बेहद ही खास कार्यक्रम "एक शाम घर के मुखिया के नाम" कार्यक्रम का यादगार आयोजन किया। जिसमें कार्यक्रम से तीन चार दिन पहले से संस्था के सदस्यों ने अपने मोहल्ले एवं कॉलोनी के 60 साल के ऊपर के महिला एवं पुरुषों को पहले ज़माने की तर्ज़ पर पीले चावल एवं सुपारी देकर आमंत्रित किया था। जहाँ भी आमंत्रण के लिए गए। वहाँ बड़ों ने भी दिल खोलकर आशीर्वाद दिया और कहा इस प्रोग्राम का हम पूरे साल भर इंतज़ार करते हैं। हमें भी ख़ुशी होती है कि यह संस्था हम बुजुर्ग जो पिछले कई सालों से होली के रंगों से दूर हो गए थे हमें वापस पुराने दिन याद दिलाती है और एन्जॉय करने का अपने पुराने साथियों से मिलने का मौक़ा देती है। उनकी भावनाओं और खुशी का ख्याल रखते हुए संस्था प्रमुख कविता बेरीवाल के विशेष मार्गदर्शन में सभी सदस्यों ने विगत 28 फ़रवरी को स्थानीय अग्रोहाधाम में एक शाम घर के मुखिया के नाम कार्यक्रम आयोजित किया। वहीं इस खास कार्यक्रम की शुरुआत तीन साल पहले अग्रोहा भवन से की गई थी दिन पर दिन इस प्रोग्राम में भीड़ बढ़ती ही जा रही है और वरिष्ठ जनों की ख़ुशी देखते ही बन रही है। जो खड़े होकर नहीं नाच गा पाते ,वे भी चेयर में बैठे - बैठे ताली बजाते हुए खुशी से मस्त झूमते नज़र आए।

नगाड़े और माला से आत्मीय स्वागत - - कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी अतिथि बुजुर्गों व शामिल सभी सदस्यों का सर्वप्रथम नगाड़े की थाप से स्वागत किया गया। इसके पश्चात उनको माला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। वहीं इस कार्यक्रम में 86 वर्ष की महिला जो सबसे बड़े उम्र की थी एवं सबसे बड़े उम्र के पुरुष राधेश्याम अग्रवाल लेन्धरा 83 वर्ष का स्वागत और सम्मान किया गया। इसी तरह 60 साल के ऊपर के दो कपल आए थे उनका भी स्वागत किया गया एवं 28 फ़रवरी को जिनकी 50वीं सालगिरह थी उन सभी को केक कटिंग करके चुनरी ,पगड़ी एवं माला पहनाकर आत्मीय सम्मान किया गया व नानक चन्द एवं श्रीमती कमला देवी अग्रवाल की 50वीं सालगिरह थी जिसे सभ सदस्यों ने यादगार ढंग से मनाया।

खेले फूलों व रंगों से खूब होली - - अग्रोहा धाम के परिसर को खूबसूरत ढंग से सजाया गया था। जिसकी खूबसूरती देखते ही बनी। वहीं दिव्य शक्ति की महिला सदस्यों ने एक से बढ़कर मधुर फाग गीत गुनगुनाकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इसके पश्चात मीठे - कलाकारों ने श्रीराधा कृष्ण की जीवंत झांकी के साथ मनभावन प्रस्तुति देकर उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया। वहीं यादगार आयोजन के अंतर्गत उपस्थित सभी वरिष्ठजनों व सदस्यों के लिए डांस, गाने, गेम्स व जनरल नॉलेज सहित अनेक खूबसूरत कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। जिसमें सभी वरिष्ठजनों ने उत्साह से भाग लिया जिससे माहौल और भी खुशनुमा बन गया इसी तरह विशेष आकर्षण में राधाकृष्ण के संग फूलों की होली व रास नृत्य रहा। जिसका सभी ने आनंद लिया व फूलों व रंगों से सभी ने मिलकर खूब होली खेलकर आनंद लिया।

दिल से मस्त थिरके बुजुर्ग - - यादगार होली उत्सव कार्यक्रम के अन्तर्गत एक से बढ़कर फागुन होली गीतों के साथ उपस्थित सभी वरिष्ठजन भी बैठे - बैठे ताली बजाते हुए निहाल होकर मस्त झूमे। जिससे परिसर का मंजर और भी खूबसूरत व सुहाना हो गया। वहीं विविध प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विजयी प्रतिभागी वरिष्ठजनों को उपहार देकर सम्मान किया गया। जिससे वे अत्यंत ही पुलकित हो गए। इसी तरह जो वरिष्ठजन शादी की पच्चीसवीं व पचासवीं सालगिरह मना चुके हैं। ऐसे सम्मानीय माता - पिता तुल्य वरिष्ठजनों का कविता बेरीवाल व संस्था के सदस्यों ने विशेष उपहार देकर और चरण छूकर उनका आत्मीय सम्मान किया। जिससे वरिष्ठ जनों की खुशी देखते ही बनीं।

वरिष्ठजनों ने आयोजन की सराहना - -  मनभावन यादगार आयोजन में शामिल हुए समाज के सम्मानीय वरिष्ठजनों ने दिव्य शक्ति संस्था के इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि। इस यादगार आयोजन को भूल पाना हमारे लिए मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। इस शानदार पहल के लिए कविता बेरीवाल और दिव्य शक्ति संस्था के सभी सदस्यों को हृदय से बधाई और शुभाशीर्वाद। वहीं संपूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन सुप्रसिद्ध उद्घोषक प्रो अंबिका वर्मा ने शानदार ढंग से किया। और कार्यक्रम को सफल बनाने में दिव्य शक्ति संस्था के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

SK
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