पावन महाशिवरात्रि पर्व पर निकली भव्य शिव बारात

रायगढ़ - - हिंदू धर्म में पावन महाशिवरात्रि पर्व का बड़ा ही महत्व है। सनातन काल से इस महापर्व को बाबा भोलेनाथ के भक्तगण बड़ी श्रद्धा व धूमधाम से मनाते आ रहे हैं। वहीं मान्यता है कि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को जगत कल्याण के लिए भगवान शिव जी ने माता पार्वती से विवाह किए थे। इसीलिए इसे महाशिवरात्रि पर्व के नाम से जाना जाता है और बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। शहर के श्रद्धालुगण भी इस पावन पर्व को ऐतिहासिक एवं यादगार ढंग से मनाते हैं आज पवित्र महाशिवरात्रि पर्व की खुशियां शहर में भी देखते ही बनी श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया। वहीं शाम को भव्य शिव बारात निकली जो हर किसी के लिए यादगार बन गया।

शिवालयों में सुबह से श्रद्धालुओं का रेला - - शहर के गौरीशंकर मंदिर, निकले महादेव मंदिर, केवड़ाबाड़ी शिवालय, भरत कूप मंदिर, कोसमनारा बाबा सत्य नारायण धाम शिवालय, सहित सभी शिवालयों में ब्रम्ह मुहूर्त से श्रद्धालुगण पूजा की थाली लेकर भगवान शिव के प्रिय फल - फूलों को साथ लेकर भगवान शिव और माता पार्वती जी की पूजा - अर्चना करने अपने परिवार के साथ पहुंचे। जिसका सिलसिला सुबह से देर रात तक चला और हजारों श्रद्धालुओं ने अपनी मनोरथ पूरी करने विधि-विधान से पूजा कर पुण्य के भागी बने।

रुद्राभिषेक यज्ञ का आयोजन - - महाशिवरात्रि पर्व पर रुद्राभिषेक यज्ञ का आयोजन मनोकामनाएं पूरी करने के लिए श्रद्धालुगण योग्य पंडितों के सानिध्य में अवश्य करते हैं। आज महापर्व के दिन सुबह से रात भगवान शिव जी को जलाभिषेक एवं पंचभोग अर्पित कर सुयोग्य पंडितों के सानिध्य में मंदिरों व घरों में रुद्राभिषेक यज्ञ का आयोजन किया गया एवं ऊँ नमः शिवाय के पवित्र मंत्र का अखंड जाप भी हुआ। जिससे समूचा अंचल गुंजायमान रहा। वहीं पूजा सामग्रियों की खूब बिक्री हुई।

जगह - जगह हुआ महाभंडारा - - महाशिवरात्रि पर्व की खुशी में शहर के श्रद्धालुओं ने विभिन्न स्थानों में और शिवालयों में महाभंडारा व प्रसाद वितरण का आयोजन किया। जहां सुबह से रात तक हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य के भागी बने। इसी तरह मंदिर व घरों में श्रद्धालुओं ने भजन कीर्तन का भी आयोजन किया जिससे शहर में सुबह से रात तक आध्यात्मिक खुशी का माहौल रहा।


शाम को निकली भव्य बारात - - शहर के गौरीशंकर मंदिर में सुबह विधि-विधान से रुद्राभिषेक यज्ञ के बाद शाम छह बजे महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शहर की खुशहाली के लिए भव्य शिव बारात का आयोजन किया गया व आयोजनकर्ता जिम्मी अग्रवाल व सहयोगी ओमकार तिवारी के नेतृत्व में भगवान शिव की बारात निकाली गई। शिव बारात में भोले बाबा की मनभावन झांकी के साथ भूत-पिशाच व हजारों भक्तगण शामिल हुए वहीं आयोजक जिम्मी अग्रवाल ने बताया कि, यह बारात केवल एक जुलूस नहीं अपितु हजारों शिव भक्त के श्रद्धा के साथ संपन्न होती है। यह सनातन धर्म की एकता व अखंडता को प्रदर्शित करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। वहीं महाशिवरात्रि पर्व पर शहरवासियों को उन्होंने शुभकामनाएं दी। इसी तरह शिव बारात के सहयोगी ओमकार तिवारी ने बताया कि, इस वर्ष बारात में अनेक प्रकार के बाजा हैं, जैसे कर्मा नृत्य, ओड़िशा के प्रसिद्ध संबलपुरी धुमाल, छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध विनायक धुमाल बिलासपुर, युवाओं को एक करने के लिए बिलासपुर का विनायक जोन,शिवरीनारायण की बग्धी, मनमोहक भगवान भोलेनाथ की झांकी, एक दर्जन ढोल वादक, बैंड पार्टी, भूत की टोली के साथ भगवान शिव की बारात है। भगवान शिव का यह बारात शहर में हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा व गौरी शंकर मन्दिर से शहर के मुख्य मार्ग, सुभाष चौक, सदर बाजार, थाना रोड, हंडी चौक, घड़ी चौक, सत्तीगुड़ी चौक, नटवर स्कूल रोड, बेटी-बचाओ-बेटी पढ़ाओ चौक, रामनिवास टॉकीज चौक होते हुए पुनः गौरी शंकर मंदिर पहुंची जहां पुनः भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा अर्चना की गई। इसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया।


भरत कूप मंदिर से भी निकली शिव बारात - - शहर के सत्तीगुड़ी चौक स्थित भरत कूप मंदिर से श्री श्री महाकाल समिति के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर मधुर भक्ति गीत, कर्मा पार्टी व भगवान शिव की मनभावन झांकी के साथ यादगार रैली निकाली जो शहर का परिभ्रमण करते हुए कोसमनारा पहुंची रास्ते भर भगवान शिव के भक्तगण मस्त झूमे और समूचा अंचल भगवान शिव के जयकारे से गुंजित हो गया।










