उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब सात दिनों तक 'सीताराम राधेश्याम' के महामंत्र से रहा गुंजायमान
रायगढ़ - - कोरबा(करतला)।रामपुर विधानसभा क्षेत्र के करतला ब्लॉक अंतर्गत ग्राम नवापारा (चैनपुर) में चल रहा सात दिवसीय भव्य रामनाम सप्ताह संकीर्तन यज्ञ विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और सहस्त्रधारा के साथ संपन्न हो गया। ग्राम नवापारा के सार्वजनिक संकट मोचन हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरा क्षेत्र "सीताराम राधेश्याम" के जयकारों से गुंजायमान रहा।

वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा-अर्चना के साथ पूर्णाहुति - - वहीं इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी सुरेश पटेल ने बताया कि यज्ञ के समापन अवसर पर रामपुर निवासी सुप्रसिद्ध आचार्य पंडित गजानंद दुबे द्वारा मुख्य हवनकुंड के पास विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। वैदिक रीति-रिवाज से मंत्रोच्चार के बीच मुख्य यजमानों सहित बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीण श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां डालीं। श्रद्धालुओं ने यज्ञ भगवान से क्षेत्र की सुख, समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। सात दिनों तक आठों प्रहर चला अखंड कीर्तन - विगत सात दिनों से मंदिर परिसर में "सीताराम राधेश्याम" अखंड महामंत्र का जाप अनवरत जारी था। इस दौरान भक्ति का ऐसा माहौल निर्मित हुआ कि समूचा अंचल राममय हो गया। मंदिर परिसर के चारों ओर विभिन्न रामनाम संकीर्तन मंडलियों और श्रद्धालुओं द्वारा ढोल-मंजीरों की थाप पर रामनाम का संकीर्तन करते हुए परिक्रमा की गई। यह क्रम सात दिनों तक आठों प्रहर (24 घंटे) बिना रुके चलता रहा, जो आकर्षण का केंद्र रहा। पारंपरिक पत्तलों पर परोसा गया भंडारे का प्रसाद--यज्ञ की पूर्णाहुति और सहस्त्रधारा के पश्चात एक विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित आसपास के दर्जनों गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि ग्राम की महिलाओं द्वारा स्वयं तैयार की गई पारंपरिक पत्तलों पर सभी श्रद्धालुओं को पूरे आदर और अनुशासन के साथ बिठाकर प्रसाद ग्रहण कराया गया।सांस्कृतिक जुड़ाव और सामाजिक समरसता का संदेशइस भव्य आयोजन को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया।

स्थानीय प्रबुद्ध जनों और ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से न केवल समाज में आपसी सौहार्द, प्रेम और समरसता की भावना सुदृढ़ होती है, बल्कि हमारी सनातनी संस्कृति के प्रति नई पीढ़ी का जुड़ाव भी मजबूत होता है।समापन के अवसर पर आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आए हुए सभी अतिथियों, संकीर्तन मंडलियों, प्रसादी ग्रहण करने पहुंचे श्रद्धालुओं और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी ग्रामीणों का हृदय से आभार व धन्यवाद व्यक्त किया।









