भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनुपम पाल ने व्यक्त किया गहरा दुःख, दी भावभीनी श्रद्धांजलि
रायगढ़ – – रायगढ़ के संगीत जगत के वरिष्ठ एवं ख्यातिनाम संगीत साधक निमाई चरण पंडा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। उनके निधन से रायगढ़ सहित पूरे छत्तीसगढ़ के कला, संस्कृति एवं संगीत जगत में शोक की लहर व्याप्त है। उनके जाने से संगीत साधना के क्षेत्र में जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसकी भरपाई कर पाना अत्यंत कठिन है।
भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनुपम पाल ने संगीत साधक निमाई चरण पंडा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि निमाई चरण पंडा का संपूर्ण जीवन संगीत साधना, कला के प्रति समर्पण और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपनी प्रतिभा, साधना और संगीत के प्रति अटूट निष्ठा से रायगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अनुपम पाल ने कहा कि निमाई चरण पंडा जी केवल एक वरिष्ठ संगीत साधक ही नहीं, बल्कि संगीत के प्रति समर्पण, अनुशासन और साधना की भावना के प्रतीक थे। उनका सरल एवं सहज व्यक्तित्व तथा संगीत के प्रति उनकी गहरी निष्ठा सदैव कला जगत से जुड़े लोगों, संगीत प्रेमियों और नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उनकी संगीत साधना और सांस्कृतिक योगदान आने वाली पीढ़ियों को कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि रायगढ़ की पहचान देश-प्रदेश में उसकी विशिष्ट सांस्कृतिक एवं संगीत परंपरा के कारण रही है। इस परंपरा को समृद्ध बनाने में निमाई चरण पंडा जी जैसे साधकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनका निधन रायगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके योगदान और संगीत के प्रति समर्पण को सदैव सम्मान के साथ स्मरण किया जाएगा।
अनुपम पाल ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि प्रभु उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति उनके शोकाकुल परिजनों, शिष्यों, शुभचिंतकों और संगीत जगत से जुड़े सभी लोगों को प्रदान करें।







