ओ.पी. जिंदल विद्यालय तराईमाल में धूमधाम से मनाया गया 77 वाँ गणतंत्र दिवस

रायगढ़ - - 26 जनवरी 1950  ही वह दिन था, जब भारत देश पूर्ण गणतंत्र बना। इसी कारण प्रतिवर्ष 26 जनवरी का दिन राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है। ओ.पी. जिंदल विद्यालय तराईमाल में भी 77 वाँ गणतंत्र दिवस 'वंदे मातरम् के 150 वर्ष' उत्साह और हर्षोल्लास के साथ बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई, जो देश की संप्रभुता और एकता का प्रतीक है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नलवा स्टील एवं पावर प्लांट की प्रबंध निदेशक डाॅ. एस.एस. राठी और विद्यालय की प्राचार्या अलका गोडबोले ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तत्पश्चात राष्ट्रगान गाया गया। देशभक्ति के नारे से उपस्थित विद्यार्थी देशभक्ति भावना से ओतप्रोत हो गए। मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में स्वतंत्रता सेनानियों के कुर्बानियों को याद कर  विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दी।

प्राचार्या अलका ने अपने उद्बोधन में बताया कि यह एक पर्व ही नहीं बल्कि उन शहीदों और वीरों को याद दिलाता है जिन्होंने देश  को आजाद कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्हें नमन कर विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस का महत्व बताकर शुभकामनाएँ दी। इस सुअवसर पर विद्यालय एवं एडमिन ब्लॉक परिसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। विद्यार्थियों ने हिंदी, अंग्रेजी, वेद भाषा संस्कृत और  क्षेत्रीय भाषा हरियाणवी में भाषण प्रस्तुत कर वातावरण को देशभक्ति की भावना से भर दिया। विद्यालय के नन्हे-मुन्नों  ने स्वतंत्रता सेनानियों की वेशभूषा धारण कर देश भक्ति का परिचय दिया। देशभक्ति गीतों के माध्यम से छात्रों ने अनेकता में एकता और देश के प्रति अपने कर्तव्य को प्रदर्शित किया।सरहद पर खड़ा एक फौजी सिर्फ एक वर्दी नहीं होता, वह किसी का बेटा, किसी का भाई और किसी का सुहाग होता है।

महीनों तक घर की चिट्ठी का इंतज़ार और वतन की रक्षा का जज़्बा... इन्हीं भावनाओं को पिरोया 'संदेशे आते हैं'   गीत पर नृत्य निश्चित रूप से हम सबकी आँखों को नम कर दिया। यह सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि उन जांबाजों के प्रति हमारा सम्मान है जो हमारे आज के लिए अपना कल कुर्बान कर देते हैं।देशभक्ति गीत पर नृत्य प्रस्तुति देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए।अंत में मिष्ठान वितरण के साथ समारोह संपन्न हुआ।

SK
previous arrow
next arrow
rising
previous arrow
next arrow

Most Popular

You cannot copy content of this page