बेशुमार राहगीरों की बुझ रही तिश्नगी
रायगढ़ - भीषण गर्मी और नवतपा की तपिश के बीच राहगीरों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से अपने दुःख-सुख के साथी विप्र परिवार द्वारा रायगढ़ के होटल श्रेष्ठ के पास 9 दिवसीय प्याऊ का शुभारंभ किया गया। यह प्याऊ आगामी 2 जून तक निरंतर संचालित रहेगा।
जन - जन को मिले राहत - - संस्था के अध्यक्ष सुरेश कुमार दुबे के नेतृत्व एवं अध्यक्षता में संचालित इस सेवा कार्य का मुख्य उद्देश्य राहगीरों, यात्रियों, मजदूरों, वाहन चालकों एवं आम नागरिकों को शुद्ध पेयजल, गुड़, सरबत आदि उपलब्ध कराना है, ताकि तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच लोगों को राहत मिल सके।नवतपा के दौरान तापमान में लगातार वृद्धि होती है, ऐसे में सड़क से गुजरने वाले लोगों को सबसे अधिक आवश्यकता स्वच्छ और ठंडे पेयजल की होती है। इसी मानवीय भावना को ध्यान में रखते हुए विप्र परिवार ने यह सराहनीय पहल की है। संस्था का यह प्रयास समाजसेवा और मानवता की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।

विप्र परिवार की पहल - - प्याऊ का शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष सुरेश कुमार दुबे द्वारा किया गया। इस अवसर पर भानु प्रताप मिश्र, इंद्र कुमार मिश्रा, अनुदीप मिश्रा, लक्ष्मीकांत तिवारी, विनय मिश्रा, अवधमनी तिवारी, सुरेंद्र पांडेय, बब्लू मिश्रा, पिंटू दुबे, जगदीश शरण द्विवेदी सहित अनेक गणमान्य विप्र बंधु उपस्थित रहे। इस दौरान उपस्थितजनों ने कहा कि गर्मी के मौसम में प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। विप्र परिवार द्वारा किया गया यह सेवा कार्य समाज के अन्य संगठनों के लिए भी प्रेरणादायी है। संस्था के सदस्यों ने बताया कि प्याऊ में प्रतिदिन राहगीरों को स्वच्छ पेयजल, गुड़ और सरबत उपलब्ध कराया जाएगा।वहीं अध्यक्ष सुरेश कुमार दुबे ने कहा कि विप्र परिवार केवल सामाजिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और मानवता की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहता है। नवतपा में लोगों को राहत देने के लिए यह प्याऊ लगाया गया है और संस्था आगे भी ऐसे सेवा कार्य करती रहेगी।
राहगीर कर रहे सराहना - - होटल श्रेष्ठ के पास स्थित यह प्याऊ आमजन के लिए राहत का केंद्र बन गया है। राहगीरों ने भी विप्र परिवार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में ठंडा पानी और सरबत मिलना किसी वरदान से कम नहीं है। विप्र परिवार की यह पहल रायगढ़ शहर में सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करती है। गर्मी के इस कठिन समय में संस्था द्वारा किया गया यह कार्य न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि समाज में मानवीय संवेदनाओं को जीवित रखने वाला प्रेरक उदाहरण भी है।









