नामचीन मधुर गायक अनुराग शर्मा ने छत्तीसगढ़ी मधुर गीतों से अमेरिका में बांधा समां
पहली बार किसी छत्तीसगढ़ी गायक को मिला आमंत्रण
रायगढ़ - - छत्तीसगढ़ की लोक कला और संगीत की ख्याति आज सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी फैल रही है। इसी कड़ी में, छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध मधुर गायक बेशुमार कला प्रेमियों के अत्यंत ही दुलारा मृदुभाषी अनुराग शर्मा ने सात समंदर पार अमेरिका में अपनी प्रस्तुति से वहां के लोगों का दिल जीत लिया है। यह छत्तीसगढ़ के लिए बेहद गर्व की बात है, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी छत्तीसगढ़ी गायक को अमेरिका में प्रस्तुति देने के लिए विशेष रूप से सम्मान के साथ आमंत्रित किया गया।

लोकप्रियता का मिला प्रमाण - - अमेरिका में गूंजा 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' का नारा। प्रतिभा के धनी अनुराग शर्मा का अमेरिका में स्वागत बेहद गर्मजोशी से हुआ। उनके कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वहां रह रहे छत्तीसगढ़ और भारत के लोग बड़ी संख्या में उमड़ पड़े। उनकी मनमोहक और कर्णप्रिय प्रस्तुतियों से अमेरिका की धरती 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' के नारों से गूंज उठी। इस अपार प्रेम और सम्मान को देखकर अनुराग भावुक हो गए। उनकी सफल प्रस्तुति से प्रभावित होकर वहां के लोगों ने उनसे और भी कार्यक्रम करने का आग्रह किया, जो उनकी अत्यंत ही लोकप्रियता का प्रमाण है। अब पर्दे में भी दिखेगी अनुराग की प्रतिभा - - संगीत के साथ अब अभिनय के क्षेत्र में भी कदम रख रहे हैं। मृदुभाषी कलाकार अनुराग शर्मा छत्तीसगढ़ी सिनेमा और एल्बम के साथ-साथ जसगीत और भक्ति गीतों के लिए भी जाने जाते हैं। उनकी मधुर और मखमली सुरीली खूबसूरत आवाज ने उन्हें पूरे प्रदेश में एक खास पहचान दिलाई है। उनका मानना है कि उनकी पहली प्राथमिकता अपने राज्य के लोगों के लिए गाते रहना है। गायन के अलावा, अनुराग अब अभिनय के क्षेत्र में भी कदम रख रहे हैं। वे जल्द ही निर्देशक गंगा सागर पंडा की छत्तीसगढ़ की पहली हॉरर 3D फिल्म "बलि" में एक खूंखार विलेन की भूमिका में नजर आएंगे।

वापसी पर आत्मीय भव्य स्वागत-- अपने अमेरिका दौरे से स्वदेश लौटने पर अनुराग शर्मा बेहद प्रफुल्लित हैं। उनके सभी प्रशंसक और शुभचिंतक उन पर गर्व महसूस कर रहे हैं और उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ महतारी का दुलारा बेटा अनुराग शर्मा ने अपनी कला और संगीत से विदेशों में छत्तीसगढ़ की संस्कृति का परचम लहराया है, जो हर छत्तीसगढ़ी के लिए अत्यंत ही सम्मान की बात है। जिसे कभी भी जेहन से विस्मृत नहीं किया जा सकता।









