राइजिंग किड्स इंग्लिश मीडियम स्कूल कुसमुरा में स्वतंत्रता दिवस पर्व की रही धूम

स्कूल के बच्चों ने बड़े उत्साह और देशभक्ति के साथ दी मनभावन प्रस्तुति
रायगढ़ – – शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी शिक्षण संस्थान राइजिंग किड्स इंग्लिश मीडियम स्कूल कुसमुरा में आज 15 अगस्त को 79वां स्वतंत्रता दिवस पर्व को अत्यंत ही हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम संस्था के संचालक अरुण कातोरे, प्राचार्या श्रीमती अनुषा कातोरे तथा समस्त शिक्षकगणों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। सुबह आठ बजे शुभारंभ – – स्कूल की भारती मैम ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर्व कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8 बजे भारत माता की आरती व पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात संस्था के संचालक अरुण कातोरे ने ध्वजारोहण किया फिर सभी ने एक मधुर स्वर में राष्ट्रगान गाया और विद्यालय परिसर में देशभक्ति के नारों से गुंजायमान हो गया।


बच्चों ने दी यादगार प्रस्तुति – – उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अन्तर्गत रंगारंग मनभावन सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिसमें विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों एवं वरिष्ठ विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। इनमें देशभक्ति गीत, कविताएँ, नृत्य, भाषण और देश के वीर सपूतों पर आधारित लघु नाटिकाएँ शामिल थीं। बच्चों ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आदि महान स्वतंत्रता सेनानियों की भूमिका निभाकर सभी का मन मोह लिया।


देशभक्ति ही सच्ची आजादी का सम्मान है – – संचालक अरुण कातोरे ने अपने सारगर्भित संबोधन में कहा कि आज का दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि कृतज्ञता का भी है। हमें अपने देश को प्रगति की राह पर ले जाने का संकल्प लेना चाहिए। शिक्षा, अनुशासन और देशभक्ति ही सच्ची आज़ादी का सम्मान है। इसी तरह प्राचार्या श्रीमती अनुषा कातोरे ने अपने विचार रखते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है। एक जिम्मेदार नागरिक बनना और समाज में सकारात्मक योगदान देना ही देश के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। वहीं अंत में वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर समस्त शिक्षकगण, अभिभावक एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल स्टॉफ के सभी सदस्यों व बच्चों का सराहनीय योगदान रहा।



