गीत-संगीत और मनोरंजक खेलों ने बांधा समां
रायगढ़ – – महाराष्ट्र मंडल द्वारा राइजिंग किड्स स्कूल, कुसमुरा में कोजागिरी पूर्णिमा उत्सव का भव्य आयोजन हर्षोल्लास, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर उत्सव का वातावरण रंगीन, आनंदमय और संगीतमय बना रहा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों और मधुर गीत-संगीत का भरपूर आनंद लिया। यह आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ सामाजिक एकता, आपसी प्रेम और सौहार्द को प्रोत्साहित करने का एक सुंदर माध्यम बना।

कोजागिरी पूर्णिमा महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं में विशेष महत्व रखती है। इस पर्व को लोग श्रद्धा, उमंग और उल्लास के साथ मनाते हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए महाराष्ट्र मंडल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संस्कृति और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिला। आयोजन में लोगों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम की रौनक को और बढ़ा दिया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के छोटे-छोटे रोचक खेलों का आयोजन किया गया। इन खेलों में प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया। खेलों के माध्यम से सभी को अपनी प्रतिभा दिखाने, हंसी-खुशी के पल साझा करने और एक-दूसरे के साथ आत्मीयता बढ़ाने का अवसर मिला। खेलों के दौरान लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। हंसी, तालियों और खुशियों से पूरा वातावरण जीवंत हो उठा। इन गतिविधियों ने कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बनाया तथा सभी के लिए यादगार पल संजो दिए।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सुप्रसिद्ध गायक अपूर्व विश्वास की संगीतमय प्रस्तुति रही। उन्होंने अपनी मधुर आवाज, सुरीले गीतों और शानदार गायन से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उनकी गायकी ने ऐसा समां बांधा कि पूरा वातावरण संगीतमय हो उठा। गीतों की मधुर धुनों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया और उपस्थित जनसमूह ने तालियों के साथ उनकी प्रस्तुति का आनंद लिया। उनकी शानदार प्रस्तुति ने उत्सव में चार चांद लगा दिए और कार्यक्रम की यादों को और भी खास बना दिया।
गीत-संगीत और मनोरंजक खेलों के इस सुंदर मेल ने आयोजन को केवल एक उत्सव तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे आपसी मेल-मिलाप और सामूहिक आनंद का यादगार अवसर बना दिया। इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी में भी अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान और जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महाराष्ट्र मंडल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं होते, बल्कि वे समाज में प्रेम, सद्भाव, सहयोग और एकता की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। जब लोग एक साथ मिलकर अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का उत्सव मनाते हैं, तो आपसी संबंधों में आत्मीयता बढ़ती है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

राइजिंग किड्स स्कूल, कुसमुरा में आयोजित कोजागिरी पूर्णिमा उत्सव गीत-संगीत, मनोरंजन और उल्लास से परिपूर्ण रहा। कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों के मन में सुखद यादें छोड़ते हुए सांस्कृतिक आयोजनों के महत्व को एक बार फिर उजागर किया। वहीं अनुषा कातोरे ने कहा कि हमारी संस्कृति हमारी पहचान है, हमारी परंपराएं हमारी धरोहर हैं और आपसी एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ समाज को प्रेम, सौहार्द और सद्भाव के सूत्र में बांधते हैं।







