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नारी सशक्तिकरण

नारी सशक्तिकरण

परिवर्तन का दौर है,

स्वयं शक्ति पहचान।

चलना है अब दूर तक,

पंथ बने आसान।।

नारी निर्भय हो सदा,

जनता के दरबार।

राज प्रशासन सख्त हो,

मिले पूर्ण अधिकार।।

काम करो जग में यहाँ,

रखना ऊँचा नाम।

निर्मल पावन मन रखो,

साथ सदा भगवान।।

करो भरोसा आप ही,

मिले सदा सम्मान।

आस लगाना व्यर्थ है,

हित अनहित पहचान।।

दिया हमें जब ईश ने,

नारी तन अनमोल।

नेक मार्ग चलना सदा,

मधुर सरस हों बोल।।

नारी तू अबला नहीं,

ले विवेक से काम।

सदा स्वयं विश्वास से,

चलना है अविराम।।

’सुषमा’ सुंदर जग बने,

रखना पावन चाह।

कभी किसी को दर्द हो,

चलें नहीं उस राह।।

आदर से करना सभी,

बात समूची तोल।

मीठी वाणी बोल कर,

मुख में मिश्री घोल।।

—-…✍️ सुषमा प्रेम पटेल, रायपुर छ ग

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