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छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ ने  अपनी लंबित मांगों को लेकर दो दिवसीय ध्यान आकर्षण धरना का किया प्रदर्शन व सौंपे ज्ञापन

रायगढ़ – – विगत 26 एवं 27 फरवरी को छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ के प्रांतीय आवाहन पर अपनी लंबित मांगों को लेकर दो दिवसीय ध्यान आकर्षण धरना करनल शहीद विपल्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम रायगढ़ में किया गया। वहीं इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए संघ की अध्यक्ष श्रीमती अनिता नायक ने बताया कि रायगढ़ जिला के सभी   परियोजना से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका उपस्थित हुईं व 27 फरवरी को छत्तीसगढ़ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष व जिला अध्यक्ष श्रीमती अनिता नायक  व प्रांतीय संयोजक देवेंद्र पटेल सचिव काजल विश्वास के एवं रायगढ़ जिले के  सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं के समक्ष रायगढ़ एसडीएम महेश शर्मा को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री तथा राज्य के महिला बाल विकास मंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा गया।

वहीं उनकी मुख्य मांगे है कि नियमितीकरण के अंतर्गत
पंचायती राज के अधीन छत्तीसगढ़ राज्य में पंचायत कर्मी स्वास्थ्य कर्मी पंचायत सचिव जैसे मनसेवियों को सरकार ने नीति बनाकर उन्हें नियमित शासकीय कर्मचारी किया जा चुका है जबकि आंगनबाड़ी  पूरे देश में दो अक्टूबर 19 75 से निरंतर संचालित होकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कार्य करते आ रहे हैं तथा वर्ष 1998- 99 के आदेश के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पर्यवेक्षक पद पर नियुक्त किया जा चुका है इसके उसके बाद इतने वर्ष व्यतीत होने के बाद भी हम मानसेवी के रूप में कार्य करते आ रहे हैं कृपया आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लंबे कार्य अवधि अनुभव योग्यता तथा वरीयता के अनुरूप आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पर्यवेक्षक के पद पर विभागीय पदोन्नति कर उन्हें लाभ प्रदान किया जाए व शासकीय कर्मचारी घोषित किए जाने तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 26000 तथा सहायिकाओं को 22100 जीने  लायक वेतन दिया जावे साथ ही सामाजिक सुरक्षा बुढ़ापे का सहारा के लिए सामाजिक सुरक्षा के रूप में  सेवानिवृत्ति  एवं आकस्मिक  मृत्यु पर एक मुस्त ग्रेजुएटी मासिक पेंशन और समूह बीमा का लाभ दिए जाने की नीति बनायी जाकर इसका लाभ  प्रदान किया जाए।

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