सांस्कृतिक मंच भारतीय संस्कृति का पर्याय -रामचंद्र शर्मा

रेल्वे कालोनी, विजयपुर, कोतरलिया सहित अन्य क्षेत्रों में कलाकारों की हौसला अफजाई 

शिक्षा,सेवा और सामाजिक बदलाव का दिया संदेश

रायगढ़ - -  शिक्षाविद् और समाजसेवी रामचंद्र शर्मा ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक के सांस्कृतिक मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर स्थानीय कलाकारों का ज़ोरदार हौसला बढ़ाया है। कला और संस्कृति के प्रति उनके गहरे लगाव ने अनेक कार्यक्रमों को एक नई ऊर्जा दी है, जिससे प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिला है। नवरात्र और दशहरा के अवसर पर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि या विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होकर, रामचंद्र शर्मा ने न केवल प्रस्तुतियों का आनंद लिया, बल्कि मंच पर जाकर कलाकारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी सराहना की। 

इस दौरान उन्होंने रायगढ़ रेलवे दुर्गा पूजा समिति के द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में शामिल होकर कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण किया इस कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ पत्रकार श्री सुभाष त्रिपाठी, लेखिका श्रीमती आशा त्रिपाठी समाजसेवी विवेक अग्रवाल, रेलवे विभाग के एडीएम शाहिद समिति के सभी अधिकारी कर्मचारी गण मौजूद थे। वही विजयपुर, कोतरलिया शाहिद पूर्वांचल और पुसौर के कई मंचों पर आयोजकों द्वारा समाजसेवी रामचंद्र के आतिथ्य में कलाकार तथा वरिष्ठ नागरिकों सम्मान कराया गया।

कार्यक्रमों में अपार भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा,सेवा और सामाजिक बदलाव का दिया संदेश आम जनता को दिया है । रामचंद्र शर्मा का मानना है कि कला और संस्कृति किसी भी समाज की अविस्मरणीय पहचान और अटूट आस्था का प्रतीक है। उनके इस सहयोग और सम्मान की भावना से, छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के कलाकारों को अपने हुनर को बड़े मंचों पर प्रदर्शित करने का आत्मविश्वास मिल रहा है। उनका योगदान दिखाता है कि एक जिम्मेदार समाजसेवक केवल शिक्षा या समाजसेवा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कला और संस्कृति के पोषण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता

SK
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