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दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल रायगढ़ में संपन्न हुआ जिला का राष्ट्रीय सर्वेक्षण “परख”(RPS)2024

रायगढ़ – – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर केन्द्र शासन द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जा चुका है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश भर में एक साथ राष्ट्रीय परख(PARAKH- प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा एवं समग्र विकास के लिए ज्ञान का विश्लेषण) सर्वेक्षण 2024 का आयोजन किया गया। स्थानीय रायगढ़ जिले के परख सर्वेक्षण की मेजबानी दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल ने किया, जिसमें सात ब्लॉक(रायगढ़,पुसौर,तमनार,धरमजयगढ़,खरसिया,लैलूंगा,घरघोड़ा) शामिल हुए l

विगत 4 दिसंबर 2024 को रायगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण 2024 में 91 स्कूल के कक्षा तीसरी, छठवीं और नवमी के  विद्यार्थियों की दक्षताओं का समग्र मूल्यांकन किया गया। यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप छात्रों की बुनियादी और मध्य स्तर की क्षमताओं का आकलन करता है। परीक्षा में प्रश्न ओएमआर शीट के माध्यम से बहुविकल्पीय प्रारूप में रखा गया था,जो उनके पिछले कक्षाओं में अर्जित दक्षताओं पर आधारित था।  गौरतलब है कि आगामी सर्वेक्षण  के सकारात्मक संचालन हेतु हमारे विद्यालय में 3 दिसंबर 2024 को रायगढ़ जिले के संबंध ब्लॉक के सभी विद्यालय के लिए ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसमें  दिल्ली बोर्ड प्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशिक्षित अधिकारी और विद्यालय के सभी चयनित प्रशिक्षित शिक्षक उपस्थित हुए।ब्रीफिंग की शुरुआत में हमारे विद्यालय की प्रधानाचार्य महोदया डॉ. प्रिया सिंह ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए परीक्षा के महत्व और इसके उद्देश्य को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया- “राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण शिक्षा की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे देश भर में छात्रों की शिक्षा की स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा।”तत्पश्चात सभी सर्वेक्षक शिक्षकों को परीक्षा संचालन से संबंधित विशेष दिशा-निर्देश साझा किए।  विद्यालय की निर्देशिका श्रीमती अनीता अग्रवाल ने भविष्य में ऐसे आयोजनों के निरंतर संचालन का संकल्प लेते हुए कहा – “हम आशा करते हैं कि आगामी वर्षों में भी इस प्रकार के महत्वपूर्ण आयोजन होते रहेंगे, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होंगे।वहीं विगत 4 दिसंबर को यह सर्वेक्षण पूरे जिले में सफलतापूर्वक संचालित हुआ , जिसमें विद्यालय प्रशासन का योगदान सराहनीय था।

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