रायगढ़ - - रायपुर सद्भावना साहित्य संस्थान के तत्वावधान में विगत 26 अप्रैल 2026, रविवार को वृंदावन हॉल, रायपुर में एक भव्य काव्य संध्या एवं पुस्तक विमोचन समारोह का सफल आयोजन किया गया। वहीं इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए संस्था अध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि इस साहित्यिक आयोजन में अंचल के युवा एवं वरिष्ठ रचनाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी सृजनात्मक अभिव्यक्तियों से वातावरण को काव्यमय बना दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. गोपा शर्मा ने की तथा संचालन आरव शुक्ला द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सुधीर शर्मा (वैभव प्रकाशन) रहे। इस अवसर पर डॉ. युक्ता श्री के लघुकथा संग्रह *“स्कीप कार्ड”* का विधिवत विमोचन किया गया, जिसे उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने सराहा। काव्य पाठ सत्र में विविध रसों से ओतप्रोत रचनाओं ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम स्थल तालियों की गूंज से बार-बार मुखरित होता रहा। प्रस्तुत रचनाओं में सामाजिक, आध्यात्मिक, श्रृंगार एवं समसामयिक विषयों की प्रभावशाली अभिव्यक्ति देखने को मिली। कार्यक्रम की कुछ प्रमुख काव्य झलकियां इस प्रकार रहीं— “चंबल सूना सा लगे,डाकू सुधरे आज।बिन गोली बंदूक के,दिल्ली पर है राज।।”— योगेश शर्मा ‘योगी’ ग़ज़ब की है वो लड़की माँ! कमर तक बाल हैं उसके।सुभग है रूप, तन - श्यामा, कमर तक बाल हैं उसके।।स्वयं देवांगनाएं भी है उसके सामने फीकी,नहीं उसकी कोई उपमा, कमर तक बाल हैं उसके।। - कवि विवेक भट्ट "आशा परशुराम" “रूप-रंग दो अलग-अलग, नर और नारी की रचना,पर नारी आधार जगत का, स्वयंसिद्धा नवनीत सर्जना।करूणा, दया, क्षमा की धारिणी, लज्जा- मर्यादा का अनुशीलन।”— यशवंत कुमार चतुर्वेदी “शुचि नेह रखो शुभ कार्य करो, प्रभु नाम सदा भज कष्ट हरो।हरि कीर्तन से शुभ पावन आँगन, भाव सजाकर दीप धरो।।”— सुषमा प्रेम पटेल “वो इंसा झूठ कितना बोलता है,अंधेरे को उजाला बोलता है।ये कैसी तरबियत है उनके घर की,बड़े सब चुप हैं, छोटा बोलता है।।”— मोहम्मद यूशा “आख़िर कब तक प्यार चलेगा, पैसों से घर-बार चलेगा।सत्ता के जो पैर छुएगा, बस उसका अख़बार चलेगा।।”— अनिल राय ‘भारत’ “बिन बेटी के जैसे घर का आंगन सूना लगता है,वैसे ही बिन गौरैया के उपवन सूना लगता है। सकोरे में जल संग थोड़ा दाना छांव में रख देना अन्न जल बिन हर जीव को जीवन सुना लगता है— आरव शुक्ला काव्य पाठ करने वाले अन्य प्रमुख रचनाकारों में सफदर अली, कल्याणी तिवारी, राजेश जैन ‘राही’, कुमार जगदलवी, सत्येन्द्र तिवारी, हबीब खान ‘समर’, विवेक भट्ट ‘आशा परशुराम’, चन्द्रकला त्रिपाठी, राजेन्द्र रायपुरी, रामचंद्र श्रीवास्तव एवं राजेन्द्र ⁵ ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर किया। कार्यक्रम के अंत में संस्था के अध्यक्ष योगेश शर्मा ‘योगी’ ने सभी अतिथियों, रचनाकारों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए जानकारी दी कि आगामी मई माह की साहित्यिक गोष्ठी 24 मई (रविवार) को आयोजित की जाएगी। यह आयोजन साहित्यिक ऊर्जा, सृजनशीलता एवं सामूहिक संवाद का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा।








