कला - साहित्य

कृति साहित्य वृंद से सम्मानित हुई ‘काव्य वाटिका’

रायगढ़ – –  कला एवं साहित्य के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित प्रतिष्ठित संस्था कृति कला एवं साहित्यिक परिषद, बिलासपुर द्वारा अपने 25वें शिखरगामी वर्ष को रजत जयंती वर्ष डॉ विनय कुमार पाठक, डॉ पी सी लाल यादव, मीर अली मीर, डॉ ओम मखीजा, डॉ रामनारायण ध्रुव, डॉ अमृत लाल,सोमनाथ यादव,के आतिथ्य में उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित वार्षिक आयोजन “कृति साहित्य महोत्सव” में देश–प्रदेश की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विभूतियों को सम्मानित किया गया। परिषद द्वारा प्रतिवर्ष साहित्य और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली संस्थाओं एवं व्यक्तित्वों का सम्मान किया जाता है। वर्ष 2025–26 में इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए रायगढ़ की सुप्रसिद्ध साहित्यिक संस्था “काव्य वाटिका” को “कृति साहित्य वृंद सम्मान” से अलंकृत किया गया। यह सम्मान संस्था के निरंतर साहित्य साधना, सांस्कृतिक जागरण और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण का प्रमाण है। मां भारती की मुक्त कंठ से आराधना करने वाली इस संस्था ने पूर्ण मनोयोग से समाज को नई दिशा और दशा प्रदान करने का पुनीत कार्य किया है। साहित्यिक गतिविधियों के साथ-साथ संस्था के सदस्य देवोपासना, पठन-पाठन, चिंतन-मनन, लेखन-सृजन, समाज सेवा तथा राष्ट्र सेवा में अपना अमूल्य समय समर्पित करते रहे हैं। यही कारण है कि काव्य वाटिका आज साहित्यिक जगत में एक सशक्त पहचान बना चुकी है। उल्लेखनीय है कि काव्य वाटिका पिछले चार वर्षों से निरंतर साहित्य साधकों और विभूतियों को सम्मानित करती आ रही है, जिन्होंने साहित्य को केवल लिखा ही नहीं, बल्कि उसे जिया है और समाज में उसकी चेतना को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभाई है। इस प्रकार संस्था स्वयं सम्मान प्राप्त करने के साथ-साथ साहित्यिक परंपराओं को समृद्ध करने का दायित्व भी निभा रही है।संस्था को इस मुकाम तक पहुँचाने में डॉ. आशा मेहर ‘किरण’, डॉ. सुधा देवांगन, मनोज श्रीवास्तव, अरविंद सोनी ‘सार्थक’, अरुणा साहू, ईश्वरीय प्रसाद साहू, डॉ. सुधा देवांगन ‘शुचि’, स्वाति पांड्या, डॉ. अजय पटनायक ‘मयंक’ तथा डॉ. गुलशन खम्हारी ‘प्रदुम्न’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।    कार्यक्रम में देवांग पांड्या, डॉ. तेजराम नायक, सुखदेव राठिया,लोकेश गुप्ता ,पूर्णिमा चौधरी, अमित साहू,वसुंधरा पटेल ,जयंत यादव,देवेंद्र शर्मा जी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई।इस सम्मान से अलंकृत होने पर रायगढ़ की समस्त साहित्यिक संस्थाओं तथा जनमानस ने काव्य वाटिका को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाइयाँ प्रेषित की हैं। यह सम्मान न केवल संस्था की उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र की साहित्यिक चेतना और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक भी है।

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