ज्ञान की ताकत ने रायगढ़ से देशभर के बिज़नेस तक पहुंचाई पहचान
रायगढ़ – – छत्तीसगढ़ के छोटे से शहर रायगढ़ से पूरे देश में अपनी पहचान बना रही फैशन बिज़नेस प्रॉफिटेबिलिटी कोच कविता अग्रवाल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ‘यूनिकॉर्न अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। विगत 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कोयंबटूर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में देशभर के बिज़नेस कोच और उद्यमियों की मौजूदगी में उन्हें यह सम्मान दिया गया।

स्थान नहीं, ज्ञान है सफलता की कुंजी– सम्मान प्राप्त करने के बाद कविता अग्रवाल ने कहा, “आप कहां रहते हैं, यह आपकी सीमा नहीं है। आप कितना सीखते हैं और उस ज्ञान को कितनी ईमानदारी से लागू करते हैं, यही आपकी असली ताकत है।” रायगढ़ जैसे छोटे शहर में रहकर कविता आज देश के बड़े-बड़े महानगरों में बुटीक बिज़नेस करने वाली महिला उद्यमियों को ग्रोथ का रास्ता दिखा रही हैं। वे इस बात की जीती-जागती मिसाल हैं कि सफलता के लिए बड़ा ऑफिस या बड़ी टीम नहीं, बल्कि सही ज्ञान और निरंतर प्रयास जरूरी है।
एक लैपटॉप से हजारों तक पहुंच– आज केवल एक लैपटॉप और इंटरनेट के सहारे घर के एक छोटे से कोने से काम करते हुए कविता अग्रवाल हजारों व्यवसायियों तक पहुंच बना चुकी हैं। वे विशेष रूप से उन बुटीक ओनर्स के साथ काम करती हैं जो अच्छी कला और प्रोडक्ट होने के बावजूद कम विजिबिलिटी, डेड स्टॉक, कम मुनाफे और टेक्नोलॉजी के डर से जूझ रही हैं। वे उन्हें विजिबिलिटी, प्रॉफिटेबिलिटी और स्केलेबिलिटी के आसान और व्यावहारिक समाधान देती हैं। उनकी कार्यप्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे बिज़नेस स्ट्रैटेजी के साथ-साथ माइंडसेट पर भी काम करती हैं।
15 हजार से ज्यादा लोगों तक पहुंच–अपनी इस यात्रा में अब तक कविता अग्रवाल 15,000 से अधिक लोगों* तक पहुंच बना चुकी हैं और 7,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दे चुकी हैं और उनकी क्लोज बिज़नेस कम्युनिटी में 1,000 से अधिक सदस्य जुड़े हैं। उनका विज़न देश में एक मजबूत ‘Fashion CEO Movement’ खड़ा करना है, जहां महिला बुटीक ओनर्स सिर्फ दुकान चलाने तक सीमित न रहें, बल्कि आत्मविश्वास और सिस्टम के साथ आर्थिक रूप से स्वतंत्र और प्रॉफिटेबल CEO बनें।

परिवार को दीं श्रेय – – कविता कहती हैं, “मैं हमेशा मानती हूं कि इंसान को जीवनभर विद्यार्थी बने रहना चाहिए। जिस दिन हम सीखना बंद कर देते हैं, उसी दिन हमारी ग्रोथ भी रुक जाती है। पैसा बड़े संसाधनों से नहीं, सही ज्ञान से बनता है।” उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने मेंटर, पति डॉ. विकास अग्रवाल, बेटी, बेटे और पूरे परिवार को दिया, जिन्हें वे अपनी यात्रा के ग्रोथ पार्टनर्स मानती हैं।
14 नवंबर को बड़ा आयोजन-– उनका कहना है कि आगामी 14 नवंबर 2026 को उनके द्वारा एक ऑफलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर से आने वाली महिला उद्यमियों को उनकी बिज़नेस उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा।







