कलागुरु स्व. वेदमणि सिंह के नाम पर संगीत विद्यालय की स्थापना की जाए

उनके नाम पर संगीत फेलोशिप व प्रतिभा पुरस्कार योजना प्रारंभ करने की भी मांग
रायगढ़। संगीत शिरोमणि कलागुर स्व. वेदमणि सिंह ठाकुर की सांस्कृतिक धरोहर और विरासत को संरक्षित करने रायगढ़ में वेदमाचे संगीत विद्यालय की स्थापना के साथ ही उनके नाम पर फेलोशिप व पुरस्कार प्रारंभ करने की मांग की गई है। इस संबंध में लेखक, चिंतक एवं समीक्षक गणेश कछवाहा ने मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री व कलेक्टर को स्मरण पत्र भेजा है।

श्री कछवाहा ने अपने स्मरण पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ छत्य के चक्रधर सम्मान के अलंकरण से अलंकृत, संगीत शिरोमणि कलागुरु स्व. बेदमणि सिंह ठाकुर के निधन के पश्चात दिनांक 26.06.2025 को संस्कृति कर्मियों ने आपये उनकी सांस्कृतिक धरोहर और बिगस्त को संरक्षित करने हेतु निवेदन किया था। वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने उनकी तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल हो कर अपनी सादर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी सांस्कृतिक धरोहर और विरासत को संरक्षित रखने हेतु शासन द्वारा विशेष रूप से कार्ययोजना क्रियान्वयन किए जाने का संकल्प लिया था। इस पर संस्कृति कर्मियों ने पूर्ण आशान्वित होकर आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने बताया है कि 13 मार्च को संगीत शिरोमणि कला गुरु स्व वेदमणि सिंह बकुर जी की जयंती है। फरवरी में छत्तीसगढ़ राज्य का बजट है। हमारा मानना है कि सरकार ठोस निर्जय ले तो संस्कृति कर्मियों को पहुत खुशी होगी। यह कला जगत के लिए महत्वपूर्ण योगदान होगा। उनकी मांग है कि संगीत शिरोमणि कला गुरु स्व वेदमणि सिंह ठाकुर जी की सांस्कृतिक धरोहर और विरासत को संरक्षित रखने शासन द्वारा ‘वेदमणि संगीत विद्यालय’ की स्थापना किया जाना चाहिए। सरकार ने भी चक्रधर समारोह के प्रतिष्ठित मंच से संगीत महाविद्यालय को स्थापना की घोषण भी की गई है। अतः नामकरण ‘वेदमणि संगीत महाविद्यालय’ किया जाना चाहिए। संगीत के क्षेत्र में मेधावी प्रतिभाओं को शासन द्वारा ‘वेदमणि संगीत फेलोशिप’ प्रदान किया जाना चाना चाहिए। संगीव प्रतिभा प्रोत्साहन हेतु प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय ‘वेदमणि पुरस्कार’ प्रदान किया जाना चाहिए। साथ ही उनकी हजारों बेशकीमतों रचनायें गीत, गजल, कबिता और लोकगीत हिंदी छत्तीसगढ़ी और उर्दू भाषा में है उन्हें संस्कृति विभाग साहित्य अकादमी द्वारा संग्रहित कर प्रकाशित करना चाहिए।



