कला - साहित्य

ममता की छाँव

*म* मता की छाँव तले,

सुखद जीवन पले,

आसमाँ उड़ान भरें,

बेटियाँ संसार में।

*म* न में उमंग लिए, जीत का संकल्प लिए,

आगे-आगे बढ़ रही,

*कार्य के विस्तार में।

*मा* त-पिता आशीष से, कर्तव्य पालन करें,

समर्पण भाव सदा,

रखते सत्कार में।

*मा* तृत्व सँजोती माएँ, साहस के बीज बोती,

संस्कार सिखातीं सदा,

*सुषमा दुलार में।*

.सुषमा प्रेम पटेल , रायपुर छ ग

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