आनन्द मार्ग प्रचारक संघ की रायगढ़ शाखा ने किया विविध कार्य का आयोजन

अवधुतिका आनन्द प्रभा आचार्या ने दिया प्रेरक उद्बोधन तथा कौशिकी नृत्य सहित योग प्रशिक्षण
रायगढ़ – – आनन्द मार्ग प्रचारक संघ के दिल्ली सेक्टर की सेक्टोरिरल वर्कर अवधुतिका आनन्द प्रभा आचार्या के रायगढ़ प्रवास के दौरान आज चक्रधर बालिका सदन में उपस्थित बालिकाओं को कौशिकी नृत्य सहित योगासन का प्रशिक्षण दिया। वहीं इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए आनंद मार्ग प्रचारक संघ के भुक्ति गौतम प्रधान ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं ने तन्मयता से उक्त प्रशिक्षण को सिखा। कोशिकी नृत्य के बारे में आचार्या ने विस्तार पूर्वक बताते हुए कहा कि कौशिकी नृत्य के नियमित अभ्यास से पैर से सिर तक, समस्त ग्रंथि का कुशल संचालन, सहज रूप से प्रसव, आलस्य से निजाद, गठिया , झुर्री संबंधी समस्या, अनावश्यक भयवृत्ति, उदासीनता इत्यादि महिला संबंधी रोगों सहित 22 प्रकार की रोगों से निजात मिलती है। इस नृत्य के नियमित अभ्यास से शरीर स्वस्थ रहता है। कौशिकी नृत्य का प्रतिपादन आनन्द मार्ग प्रचारक संघ के प्रणेता श्री श्री आनन्दमूर्ति जी ने 6 सितंबर 1978 को किया था। आनन्द मार्ग प्रचारक संघ के अनुयाई हर वर्ष 6 सितंबर को विश्व के 180 से भी अधिक देशों में इस दिन का आयोजन मनाते हैं।

विविध आयोजन – – अवधूतिका आनन्द प्रभा आचार्या ने कौशिकी प्रशिक्षण के साथ साथ योगासन का भी प्रशिक्षण दिया जिसमें उन्होंने पद्मासन के महत्व को विस्तार से समझाते हुए बालिकाओं को इसके नियमित अभ्यास करने का सुझाव दिया।उक्त अवसर पर चक्रधर बालिका सदन की महिला अधिकारी सुश्री रूपाली , उनके सहयोगी गण सहित आनन्द मार्ग प्रचारक संघ रायगढ़ के भुक्ति प्रधान गौतम प्रधान, नारी कल्याण विभाग से श्रीमती धरित्री प्रधान तथा सुश्री सुनैया प्रधान उपस्थित थे। उक्त अवसर पर बालिकाओं को फल एवं चॉकलेट वितरण किया गया। वहीँ साथ ही जानकी कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन धनुआडेरा में महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के मध्य सर्वांगीण विकास विषय पर अवधूतिका ने आख्यान देते हुए कहा की आज के परिवेश में सामाजिक एवं नैतिक शिक्षा किस तरह समाज निर्माण में अपनी भूमिका निभाती है। महाविद्यालय के डायरेक्टर श्रीमती तृप्ति अग्रवाल ने आज के समय में नैतिक शिक्षा पर अवधूतिका के आख्यान पर अपने विचार का समर्थन दिया अंत में महाविद्यालय की ओर से प्राचार्य डॉक्टर गजेंद्र चक्रधारी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सबका आभार जताया।


जीवन अच्छे ढंग से जीने का सूत्र – – उन्होंने बताया कि अगले दिन जिला जेल रायगढ़ में विचाराधीन महिलाओं के मध्य जीवन का महत्त्व बताते हुए कहा कि बीती बातों घटनाओं को भुला कर शेष जीवन कैसे अच्छा रखें साथ ही उन्होंने वहां भी कौशिकी नृत्य और योग के महत्त्व को बताते हुए अच्छे जीवन जीने का सुझाव दिया वहीं उक्त अवसर पर आनन्द मार्ग प्रचारक संघ के वरिष्ठ अनुयायी केदारनाथ प्रधान ने सामाजिक शिक्षा पर अपना सुझाव दिया | जेल में हुए प्रेरक उद्बोधन कार्यक्रम के लिए जिला जेल सुपरिन्टेन्डेन्ट जी एस शोरी ने अपना आभार जताया तथा आगे भी इस तरह के प्रेरक उद्बोधन के आयोजन हेतु अपनी इच्छा जताई | जेल में हुए उद्भोधन कार्यक्रम में जेल के वरिष्ठ महिला अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित थे जिन्होंने उद्भोधन कार्यक्रम में अपना भरपूर सहयोग दिया। इसी तरह ग्राम गुड़गहन में ग्रामीण महिलाओं के मध्य अवधूतिका ने अपना आख्यान देते हुए कहा की आज के समय में समाज व्यवस्था के किस तरह नैतिक एवं व्याहारिक शिक्षा आवश्यक हो गया है| ग्रामीण महिलाओं के तन्मयता से अवधूतिका के सुझाव को आत्मसात करने का आश्वाशन दिया। दर्शन के आख्यान को सफल बनाने में श्रीमती ज्योति गुप्ता, सुश्री सुकांति गुप्ता सहित आनन्द मार्ग प्रचारक संघ की वरिष्ठ अनुयायी श्रीमती उषादेवी प्रधान ने अपना योगदान दिया। गौरतलब है कि आज आनन्द मार्ग प्रचारक संघ विश्व के 180 से भी अधिक देश में धर्म, दर्शन , अध्यात्म, जीवन दर्शन सहित सामाजिक कल्याणमूलक कार्य में अपना योगदान करते आ रहा है।



