कवयित्री डॉ. आशा मेहर “किरण” की छत्तीसगढ़ी पुस्तक “बेटी मँय तोला कइसे पठोहूँ “का विमोचन

रायगढ़ – – ‘छंद के छ ‘ परिवार में पुस्तक विमोचन और दीवाली मिलन समारोह में अंचल के 10 साहित्यकारों के पुस्तक का विमोचन बेहद खुशनुमा माहौल में रायपुर के वृंदावन हाल में हुआ। जिसमें डा. आशा मेहर किरण’ की छत्तीसगढ़ी पुस्तक ” बेटी मँय तोला कइसे पठोहूँ ” का विमोचन भी हुआ।


वहीं छंद के छ परिवार का कार्यक्रम रायपुर के वृंदावन हाल में वरिष्ठ साहित्यकार सरला शर्मा के मुख्य आतिथ्य, डॉ. सुधीर शर्मा, डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘ नवरंग’, छंद परिवार के गुरु निगम व गुरुमाता सपना निगम, चंदेनी गोंदा के संपादक सुरेश देशमुख के आतिथ्य में संपन्न हुआ। वहीं कार्यक्रम के अन्तर्गत कवयित्री डॉ आशा की प्रथम कृति के विमोचन अवसर पर छत्तीसगढ़ के साहित्य पुरोधाओं ने बेहद सराहना की। वहीं इस पुस्तक की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें छत्तीसगढ़ी संस्कृति, सभ्यता, खान -पान , रहन – सहन, मया- पीरा, खइ- खजाना, धान-पान, परिधान, किसान, का सुन्दर वर्णन है। इस पुस्तक में 75 कविता है जो छंद बद्ध हैं। यह पुस्तक रायगढ़ की सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ आशा मेहर “किरण” ने अपने पुत्र को समर्पित किया है। पुस्तक की समीक्षा वरिष्ठ साहित्यकार ईश्वरी प्रसाद यादव,डॉ. विनय कुमार पाठक एवं युवा साहित्यकार आनंद सिंघनपुरी ने किया है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति के ज्ञानार्जन हेतु यह पुस्तक शोधार्थियों के लिए उपयुक्त साबित हो सकती है।



