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स्पंदन ने हनुमान जयंती पर दी भावपूर्ण काव्याहुति

रायगढ़ – – रायगढ़ स्थित स्पंदन कला एवं साहित्यिक संस्थान द्वारा हनुमान जयंती के पावन अवसर पर एक भव्य परिचर्चा एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रभु हनुमान के जीवन चरित्र, उनके आदर्शों तथा उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित रहा।कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों एवं कवियों ने हनुमान जी के जीवन के विभिन्न प्रेरणादायक प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उनके बाल्यकाल की अद्भुत घटनाएँ—जैसे सूर्य को फल समझकर निगल लेना, माता सीता के प्रति उनके अटूट समर्पण का प्रतीक सिंदूर प्रसंग, लंका दहन में उनकी वीरता, तथा हृदय विदारक भक्ति का प्रतीक सीना चीरकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कराना, और आज कलयुग में भी श्री राम कथा सुनने हनुमान जी किसी न किसी रूप में अवश्य आते हैं—इन सभी प्रसंगों का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया।इस अवसर पर सभी कवियों ने हनुमान जी की भक्ति, शक्ति और समर्पण से ओत-प्रोत अपनी-अपनी रचनाओं का सस्वर एवं भावपूर्ण काव्य पाठ किया, जिसने वातावरण को भक्ति और उत्साह से सराबोर कर दिया।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से गीता उपाध्याय मंजरी, साधना मिश्रा, डॉ. आशा मेहर ‘किरण’, डॉ. सुधा देवांगन ‘शुचि’, मनोज श्रीवास्तव, डॉ सुधा पंडा,तेजराम नायक, लिशा पटेल, सुषमा पटेल, पूर्णिमा चौधरी, नेमलता पटेल, सुखदेव राठिया, प्रदीप दास एवं डॉ. अजय पटनायक ‘मयंक’ सहित अनेक साहित्यकारों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए काव्य पाठ किया।इस आयोजन की अध्यक्षता प्रदीप दास जी ने की। कार्यक्रम में साधना मिश्रा मुख्य अतिथि तथा गीता उपाध्याय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का सफल संचालन अजय पटनायक एवं डॉ. सुधा देवांगन ने संयुक्त रूप से किया। अंत में मनोज श्रीवास्तव द्वारा आभार व्यक्त किया गया और इसी के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।यह आयोजन न केवल एक साहित्यिक संगोष्ठी रहा, बल्कि हनुमान जी के आदर्शों को आत्मसात करने का एक प्रेरणादायक मंच भी सिद्ध हुआ।

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