कला और साहित्य का तीर्थ बना वेद कला महोत्सव सभी कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति

सभी कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति
रायगढ़ – – विगत 13 मार्च को कला गुरु स्व० वेदमणि सिंह ठाकुर की जयंती पर शहर के पॉलिटेक्निक आडिटोरियम रायगढ़ में भव्य वेद कला महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कला गुरु के शिष्य शिष्याओं के द्वारा यह मंच गीत संगीत और साहित्य का श्रद्धांजलि मंच बना। इस कार्यक्रम में बड़े दिग्गज कलाकार पद्म श्री से सम्मानित रामलाल जी एवं अंतर्राष्ट्रीय कलाकार गायक पं सुरेश दुबे ने अपने गुरु जी को स्वरांजली देकर अनोखी प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में चक्रधर सम्मान प्राप्त बसंती वैष्णव ने अपने गुरु द्वारा रचित गंगावतरण की मनभावन प्रस्तुति दी। बिलासपुर से शिष्या व्ही रमन के नाती वर्चस्व अय्यर ने सोलो वादन से मंत्रमुग्ध कर दिया।

रायपुर से विक्की आदित्य, सारंगढ़ से लीलाधर वैष्णव एवं छात्रों तथा माँ वैष्णवी संगीत महाविद्यालय की नन्हीं छात्रा यामी वैष्णव का नृत्य विशेष आकर्षक रहा इसी क्रम में रायगढ़ की निशा राकेश शर्मा, ऋषि दुबे, दिवाकर, चवल पटेल, मोहन प्रधान एवं उनके दोनों पुत्रों ने गुरुवर को सादर श्रद्धांजलि दी। वहीं प्रथम सत्र के कार्यक्रम में चक्रधर महाविद्यालय रायगढ़ की चंद्रा देवांगन के सफल संचालन में विद्यालय के नन्हें मुन्ने छात्रों की लयकारियों एवं नृत्य पारंगता देखते बनी। काजल कौशिक का नृत्य बेहद आकर्षक रहा। कला गुरु वेदमणि सिंह की रचनाओं का उन्होंने सफल प्रदर्शन किया। वहीं दूसरे सत्र में यह मंच साहित्यकारों से सुशोभित हुआ। जिसमें बिलासपुर से पधारे विनय पाठक, कुलपति विद्यापीठ गोपालगंज बिहार तथा पूर्व छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के मुख्य आतिथ्य और डॉ मीनकेतन प्रधान पूर्व प्राध्यापक किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय रायगढ़ की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। यह रायगढ़ कला साहित्य इतिहास के अभिनव कलेवर के रुप में स्थापित हुआ। जिसकी कीर्ति यश भारत के जन – जन तक जाएगी। वहीं बिलासपुर से पधारे अंजनी कुमार तिवारी “सुधाकर” व डॉ गजेंद्र तिवारी ने कलागुरु को कावात्मक भावांजलि देते हुए एक प्रेरक व्यक्तित्व साबित किया। मंच पर वरिष्ठ साहित्यकार पत्रकार सुभाष त्रिपाठी, मीना ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर आनंद सिंघनपुरी द्वारा लिखित पुस्तक “एक संगीतज्ञ की देहरी से “का लोकार्पण किया गया। वहीं इस कार्यक्रम में कलाकार मनोज श्रीवास्तव, डॉ आशा मेहर, सुधा देवांगन, प्रदीप उपाध्याय तथा अन्य साहित्यकारों ने आयोजन व्यवस्था में उत्कृष्ट दायित्व का निर्वहन किया। अभिभाषण खंड का आकर्षक मंच संचालन रवीन्द्र चौबे ने किया। तीसरे सत्र में सुप्रसिद्ध भजन गायिका अनिता शर्मा ने मनभावन प्रस्तुति दी। वहीं कार्यक्रम में सभी कलाकारों ने अपना बहुमूल्य योगदान दिया। इसी तरह कला गुरु की सुपुत्री गीता सिंह ठाकुर एवं उनके नाती शांतनु पटेल ने पूरे कार्यक्रम का दायित्व बखूबी निभाया व भव्य वेद कला महोत्सव आयोजन को सफल बनाने में सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।



