जनमित्रम् स्कूल घरघोड़ा में धूम धाम से ” हमन त आदिवासी आन” के थीम के साथ मनाया आजादी का अमृत महोत्सव

भव्य रंगारंग कार्यक्रम के साथ बच्चों ने दिया आजादी का संदेश
रायगढ़ – – आज़ादी का अमृत महोत्सव के इस ऐतिहासिक अवसर पर जनमित्रम एसपीएस मेमोरियल स्कूल स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को नमन् करता है जिन्होंने हमारे स्वतंत्र भारत का मार्ग प्रशस्त किया, और इस पावन दिवस के उत्सव में सम्मिलित होता है। यादगार ढंग से आयोजन – – स्कूल प्रबंधन ने बताया कि विद्यालय ने बड़े उत्साह और जोश के साथ भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस का आयोजन 15 अगस्त 2025 को किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुश्री नैनशी जायसवाल के द्वारा हुआ,तत्पश्चात उन्होंने मेहमानों का स्वागत करने के बाद ध्वजारोहण के लिए प्राचार्य शशिकांत शुक्ला, शैक्षणिक प्रमुख नीरज पोद्दार तथा प्रशासनिक प्रमुख रवीकांत मीना को आमंत्रित किया। इसके बाद राष्ट्रगान एवं भारत माता को पुष्प एवं माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात प्राचार्य श्री शुक्ला ने उद्बोधन दिया और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आरंभ किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा “आजादी कोई एक दिन या एक साल के संघर्ष से नहीं मिली है इसमें कई पीढ़ी में अपना पूरा जीवन गंवाया है।क्योंकि शायद हम में से कोई भी उसे दौर में नहीं रहा है इसलिए इस बात का अंदाजा लगाना बड़ा मुश्किल है कि आजादी हमें किसी कीमत में मिली है”।

जरुरी है संविधान का अध्ययन – – इसके बाद अकादमिक निदेशक नीरज पोद्दार ने अपने उद्बोधन में कहा कि आजादी के साथ समानता की जरूरत और महत्वता के बारे में जानकारी दी व संविधान पढ़ने की अनिवार्यता पर भी जोर दिए।उन्होंने सुकरात , प्लेटो, अरस्तु और सिकंदर, इन चार महानुभावों को आपस में जोड़ते हुए गुरु और शिष्य की एक बहुत अच्छी कहानी बताई और समझाया कि किस प्रकार अच्छा गुरु सुकरात के जैसे ही बनना चाहिए तथा अच्छा शिष्य प्लेटों के जैसा बनना चाहिए उन्होंने यह भी बताया कि अगर आप अरस्तु जैसे एक गुरु बन जाते हैं तो कहीं ना कहीं आप समाज को एक सिकंदर दे देते हैं जो अति महत्वाकांक्षी था। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों और डॉक्टरों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।

मनभावन सांस्कृतिक कार्यक्रम – – कार्यक्रम की अगली श्रृंखला में मनभावन सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री गणेश वंदना से हुआ। इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देश भक्ति गीत पर अपनी प्रस्तुति दी। माध्यमिक कक्षा ने छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने सभी का हृदय जीत लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन गौरा बादल की वीरगाथाकाल पर एक मनमोहक प्रस्तुति के साथ हुई।इसके बाद उन छात्रों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए जिन्होंने इस शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से अब तक सौ उपस्थिति दर्ज की है। वहीं प्रबंधन का कहना है कि विद्यालय अपने विद्यार्थियों के समग्र विकास पर ध्यान देता है, जिसमें पोषण भी शामिल है। विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन लाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु, उन्हें भी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए जिनके टिफिन बॉक्स में हमेशा पौष्टिक भोजन जैसे हरी सब्जियां, फल , सलाद मौजूद रहते हैं।

शिक्षा से होगा सर्वांगीण विकास – – कार्यक्रम के समापन पर एडमिनिस्ट्रेशन मुख्य रविकांत शुक्ला ने अपने संबोधन में देश में जीवित समस्याओं के बारे में बताया और कहा कि आज भी देश में गरीबी बेरोजगारी और जातिवाद हावी है और इन सब का उन्मूलन सिर्फ और सिर्फ शिक्षा के माध्यम से ही किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त करने के लिए प्राइमरी सेक्शन की कोऑर्डिनेटर श्रीमती पूर्णिमा सिंह ने वोट आफ थैंक्स के जरिए सभी लोगों का धन्यवाद किया और स्कूल की तरफ से सभी को शुभकामनाएं भी ज्ञापित किया।




